शॉप-टू-शॉप व्यापार: डीलर और वितरक के बीच ऑर्डर व बिल
गणक में डीलर और वितरक एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं: ऑर्डर भेजना, उसे स्वीकार करना, बिल और क्रेडिट नोट का मिलान, सब एक ऐप में, फोन कॉल और कॉपी के बिना।
ऑर्डर भेजिए, हर कदम देखिए
ऐप सुझाता है क्या मँगाना चाहिए (जो पहले से ऑर्डर में है उसे घटाकर)। ऑर्डर एक टच में सप्लायर को जाता है। जुड़ा हुआ सप्लायर उसे अपने ऐप में देखकर स्वीकार करता है (और बिल बना देता है) या कारण के साथ मना करता है। माल आने तक स्थिति दिखती है: भेजा, स्वीकार, माल आया। आम सप्लायर को ऑर्डर WhatsApp पर चला जाता है।
लिंक कोड से जुड़ी दुकानें
दो दुकानें एक अलग लिंक कोड से जुड़ती हैं, जो लॉगिन कोड से अलग है, इसलिए दूसरी दुकान आपका PIN आज़मा नहीं सकती। जुड़ने के बाद ही बिल और ऑर्डर एक-दूसरे को दिखते हैं।
बिल और क्रेडिट नोट का मिलान
आपका भेजा बिल दूसरी दुकान में पुष्टि के लिए आता है। रकम न मिले तो वह रुक जाता है, और कोई भी पक्ष नोट के साथ विवाद दर्ज कर सकता है। क्रेडिट नोट बिल के बाद ही पक्का होता है और दूसरी दुकान में माल की वापसी के रूप में दर्ज होता है।
दुकानों और कंपनियों का खाता
हर सप्लायर, वितरक या पड़ोसी दुकान का अलग खाता रहता है: कितना देना है, कितना लेना है, GST नंबर के साथ।
आम सवाल
क्या दूसरी दुकान के पास भी गणक होना ज़रूरी है?
नहीं। जुड़ी हुई दुकान के साथ सब ऐप में चलता है, और आम सप्लायर को ऑर्डर WhatsApp पर मिल जाता है।
दुकान एक साथ डीलर और वितरक हो सकती है?
हाँ। एक ही दुकान ख़रीदार भी हो सकती है और सप्लायर भी, और दोनों तरह के बिल गणक में चलते हैं।